सड़क किनारे कूड़ा फेंकने वालों पर सीसीटीवी से होगी निगरानी: जिलाधिकारी
शहर के पार्क बनेंगे आकर्षण का केंद्र, सुविधाओं के विस्तार की पहल
डॉग शेल्टर शीघ्र होंगे क्रियाशील, नागरिकों को मिलेगी राहत
पौड़ी: जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में नगर निकायों की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि नगर निकायों से संबंधित सभी लंबित कार्यों को तत्काल प्रारंभ किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से आमजन तक पहुंचे और विकास कार्य धरातल पर स्पष्ट दिखाई दें।
बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा डालने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए, जिसके लिए सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निरंतर निगरानी रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर नए कैमरे स्थापित किए जाएं। साथ ही कूड़ा बीनने वालों का अनिवार्य सत्यापन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही उन्होंने नालियों की मरम्मत कार्यों में तेजी लाने, जहां कार्य शेष हैं वहां तत्काल कार्य प्रारंभ करने तथा सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को प्रभावी बनाने के लिए नियमित छापेमारी करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर फोकस करने और सभी नगर निकायों को सक्शन मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि धन की कमी के कारण कोई भी कार्य बाधित नहीं होना चाहिए। जिन नगर निकायों में गौ सदन स्थापित किए जाने हेतु भूमि चिन्हीकरण नहीं हुआ है, उन्होंने संबंधित निकायों को तत्काल भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। गौ सदनों में पशुओं की अधिक मृत्यु की स्थिति में जिलाधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी से समन्वय कर कारणों और उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने डॉग शेल्टर एवं निराश्रित श्वानों के वंध्यीकरण से संबंधित पूर्व में दिए गए निर्देशों के क्रम में श्रीनगर, पौड़ी एवं कोटद्वार नगर क्षेत्रों में की गई कार्यवाही की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन कार्यों को प्रभावी ढंग से पूर्ण किया जाए, ताकि निराश्रित श्वानों की संख्या नियंत्रित हो सके और नागरिकों को डॉग बाइट की ताजा घटनाओं से राहत मिल सके।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पुराने लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही शहर में अतिक्रमण के मामलों को चिन्हित कर संबंधित उपजिलाधिकारियों को रिपोर्ट उपलब्ध कराने, राजस्व विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण कर प्रतिदिन की कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान रजत जयंती पार्कों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में सामुदायिक स्तर पर चिल्ड्रन पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे बच्चों को सुरक्षित खेलने के साथ-साथ नागरिकों को भ्रमण एवं मनोरंजन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने ऋण लेकर प्रवास कर चुके लोगों की सूची तैयार करने, फड़-ठेली संचालकों को लाइसेंस जारी करते समय उनके सत्यापन को अनिवार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में पीएम विश्वकर्मा योजना एवं यूसीसी पंजीकरण की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अस्वीकृत विवाह पंजीकरण आवेदनों के कारणों का विश्लेषण करने तथा अनावश्यक रूप से आवेदन निरस्त न करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का समयबद्ध समाधान कर शिकायतकर्ता को जानकारी उपलब्ध कराने तथा ई-ऑफिस प्रणाली में जिन नगर निकायों की प्रगति कम है, उन्हें कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री द्वारा नगर निकायों के लिए की गई घोषणाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन घोषणाओं पर अब तक कार्यवाही नहीं हुई है, उनकी औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण की जाएं तथा जहां किसी कारणवश कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहा है, वहां की स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
बैठक में नगर आयुक्त श्रीनगर नूपुर वर्मा, अधिशासी अधिकारी पौड़ी गायत्री बिष्ट, थलीसैंण दीपक प्रताप, सतपुली पूनम, सिटी मैनेजर पीएम स्वनिधि जगदीश रतूड़ी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।